35 साल पहले डेढ़ रुपये किलो मिलता था गेहूं, बिल देखकर विश्वास नहीं होगा!

आज से लगभग 35 साल पहले अनाज मंडी में 1 किलो गेहूं की कीमत 2 रुपये से भी कम थी. भारतीय वन सेवा यानी इंडियन फॉरेस्ट सर्विस (IFS) के एक अधिकारी ने गेहूं की नीलामी का एक पुराना बिल शेयर किया है. अधिकारी के मुताबिक, ये बिल उनके दादा जी ने रखा था. अपने दादा जी का बिल ट्विटर पर शेयर करने वाले IFS अधिकारी का नाम है- परवीन कासवान (Parveen Kaswan). बिल के हिसाब से उस समय गेहूं की कीमत 1.6 रुपये प्रति किलोग्राम थी.

गेहूं के बिल की ये तस्वीर इंटरनेट पर छा गई है. असल में तस्वीर में IFS अधिकारी के दादा का ‘J फॉर्म’ है. ये भारतीय खाद्य निगम को बेची गई उपज का बिल है. J फॉर्म अनाज मंडी में किसान की कृषि उपज की बिक्री का रसीद होता है. अधिकारी ने 2 जनवरी को फॉर्म की तस्वीर शेयर करते हुए ट्वीट किया,

आगे अधिकारी ने बताया कि उनके दादाजी को सभी रिकॉर्ड संजोकर रखने की आदत थी. उन्होंने ट्वीट किया,

इस डॉक्यूमेंट को J फॉर्म कहा जाता है. उनके कलेक्शन में पिछले 40 वर्षों में बेची गई फसलों के सभी डॉक्यूमेंट हैं. कोई भी घर पर ही स्टडी कर सकता है.

शेयर किए जाने के बाद से बिल की तस्वीर को 51 हजार से अधिक बार देखा जा चुका है, 798 लाइक मिले हैं. शुभम गुप्ता नाम के यूजर ने अधिकारी के ट्वीट पर रिप्लाई किया,

इसे पोस्ट करने के लिए धन्यवाद सर. मैंने आज पहली बार J फॉर्म के बारे में पढ़ा.

एक यूजर ने ट्वीट किया,

कमाल है. तब बड़े-बुजुर्ग खर्च किए गए एक-एक पैसे का पूरा विवरण लिखते थे. जो फसल वो बेचते थे, उसका इस तरह रिकॉर्ड रखते थे. बहुत कुछ सीखने को मिला.

शेखर नाम के यूजर ने ट्वीट किया,

पोस्टकार्ड्स जैसे बिल के आर्काइव को देखकर अच्छा लगा.

अधिकारी के इस ट्वीट को सोशल मीडिया पर काफी पसंद किया गया है. कई यूजर्स IFS अधिकारी परवीन कासवान को धन्यवाद देने के साथ ही अपनी पुरानी यादें भी शेयर कर रहे हैं. आपको इतना पुराना बिल देखकर कैसा लगा? हमें जरूर बताएं.


Posted

in

by

Tags: