बिहार की एक लेडी कॉन्स्टेबल बबली DSP बन गई, ड्यूटी के दौरान ऐसे बच्चे की देखरेख करती है

Gaya: कठिन परिश्रम ही सफलता की कुंजी होती है अर्थात व्यक्ति यदि किसी भी चीज में सफलता हासिल करना चाहता है। तो उसके लिए उसे काफी ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। मानव के अंदर कुछ कर दिखाने की क्षमता कूट-कूट कर भरी है, यदि वह चाहे तो हर असंभव काम को संभव कर सकता है।

मानव एक बुद्धिजीवी प्राणी है और उसके अंदर हर वह क्षमता है, जिससे हर काम कर सके। भारत देश में कई ऐसे युवा हैं, जो केवल यूपीएससी को अपना जीवन मानते हैं। परंतु यह संभव नहीं है कि हर कोई इस परीक्षा के लिए चुने जाए यह परीक्षा केवल परिश्रम मांगती है। तभी एक व्यक्ति देश की सेवा के लिए चुना जाता है।

बिहार की एक लेडी कॉन्स्टेबल (Lady Constable) ने परिश्रम करके खुद को साबित किया है कि परिश्रम और दृढ़ निश्चय इंसान को सफलता दिलाता है। आइए विस्तार से जानें बिहार की महिला कांस्टेबल के बारे में।

जाने बिहार की लेडी कॉन्स्टेबल के बारे में

हम बात कर रहे हैं उस महिला कॉन्स्टेबल की जो बेगूसराय जिले में लेडी कांस्टेबल के पद पर कार्यरत थी। इस लेडी कांस्टेबल का नाम बबली (Babli Kumari) है और यह सोशल मीडिया पर धूम मचाए हुए हैं। वर्ष 2015 में उन्होंने अपना ग्रेजुएशन पूरा किया और बिहार पुलिस में लेडी कॉन्स्टेबल के पद पर नौकरी करने लगे।

उन्होंने लगातार मेहनत की और आज भी डीएसपी का पद ग्रहण करने जा रही है। बताती है कि उनके घर की आर्थिक स्थिति बेहद खराब थी। जिस वजह से उन्हें बिहार पुलिस में नौकरी करनी पड़ी।

उन्होंने इस नौकरी के साथ और एक मां का फर्ज निभाते हुए बीपीएससी की तैयारी निरंतर जारी रखी और आज उन्हें सफलता हासिल हुई। शुरुआत में उन्हें मेंस में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। परंतु इस महिला कॉन्स्टेबल ने अपने आप को साबित कर दिखाएं।

परिवार का मिला साथ

बबली को बीपीएससी की मुख्य परीक्षा में काफी ज्यादा परेशानी हो रही थी। वह प्रारंभिक परीक्षा निकाल लेती थी। परंतु मुख्य परीक्षा के लिए उन्हें उतना ज्यादा समय नहीं मिल पाता था। क्योंकि वह जॉब करती थी साथ में अपने घर परिवार को संभालती थी।

लगातार असफलता मिलने के बाद बबली ने मुख्य परीक्षा की अच्छी तरह तैयारी करने का विचार किया और वह पटना चली गई। वहां जाकर उन्होंने मुख्य परीक्षा की बहुत अच्छी तरह तैयारी की इन सब में उनका परिवार उनके सपोर्ट में था।

वे बताते हैं कि उनके परिवार ने उनका बहुत साथ दिया, उनकी काफी ज्यादा हौसला अफजाई की। आखिरकार बबली की मेहनत रंग लाई और तीसरे प्रयास में उन्होंने बीपीएससी की परीक्षा (BPSC Exam) क्वालीफाई करके डीएसपी (DSP) के पद पर अपनी मुहर लगाई।

आपको जानकर हैरानी होगी कि बबली जिस वक्त परीक्षा (Bihar PSC) की तैयारी कर रही थी, उस वक्त वह गर्भवती थी। गर्भवती महिलाओं को उनके गर्व काल के दौरान आराम करने का सुझाव दिया जाता है। परंतु इस स्थिति में भी उन्होंने अपनी तैयारी को जारी रखा और सफलता हासिल की।

बेगूसराय के एसपी द्वारा बबली को दी गई शुभकामनाएं

जानकारी के अनुसार कॉन्स्टेबल बबली की एक 7 महीने की बेटी है। वे अपनी बेटी का ख्याल रखते हुए पढ़ाई करती है साथ में अपने परिवार को भी संभालती हैं और अपनी कांस्टेबल की नौकरी को भी भली-भांति करती रही। इतने परिश्रम के बाद सफलता पाना कोई आम बात नहीं है।

इन्हीं सब बातों का ध्यान रखते हुए बेगूसराय के एसपी योगेंद्र कुमार बबली को शुभकामना देते हुए कहते हैं कि यह कोई आम बात नहीं की अपनी हर फर्ज को निभाते हुए उन्होंने इतनी बड़ी सफलता हासिल की वह सम्मान की पात्र है और साथ ही अपने सहकर्मियों और वक्त पर हालात छोड़ने वाले लोगों के लिए एक बहुत बड़ा उदाहरण है।

सोशल मीडिया पर शुभकामनाओं की लगी कतार

सोशल मीडिया की प्लेटफार्म पर बबली की इस खबर को वायरल होने में जरा भी वक्त नहीं लगा हर कोई उन्हें उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दे रहा है। इसी के साथ आईपीएस अधिकारी आरजे विज ने भी बबली को बधाई देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और तपस्या के बाद बबली की मेहनत रंग लाई।

उनके इस कारनामे के लिए उन्हें ढेर सारी बधाइयां। वास्तव में बबली ने साबित कर दिया कि नारी शक्ति हर वह असंभव काम कर सकती है। किसी चीज को पाने की जिद यदि शिद्दत से की जाए तो सफलता जरूर हासिल होती है।


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