मोहम्मद शमी को देने होंगे अपनी पत्नी को हर महीने इतने लाख रुपए, शमी के खिलाफ कोर्ट ने सुनाया फैसला

भारतीय क्रिकेट टीम के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी का उनकी पत्नी हसीन जहां के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था। मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी एक दूसरे के साथ पिछले 10 सालों से अलग रह रहे थे और कोर्ट में इन दोनों की सुनवाई चल रही थी। हाल ही में अब कोर्ट ने जो फैसला सुनाया है वह मोहम्मद शमी के खिलाफ सुनाया है क्योंकि

मोहम्मद शमी को अब हर महीने अपनी पत्नी को लाखों रुपए देने होंगे क्योंकि अब उनकी पत्नी उनसे अलग रहेगी। जिस किसी ने भी मोहम्मद शमी के खिलाफ यह फैसला सुना है तब सब का यही कहना है कि समाज में अब पुरुषो के लिए कोई भी हित की बात नहीं करता है। आइए आपको बताते हैं आखिर किस वजह से मोहम्मद शमी और उनकी खूबसूरत पत्नी के बीच में बात यहां तक पहुंच गई है कि अब यह दोनों अलग रहेंगे।

मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी के बीच में हुआ था अलगाव

मोहम्मद शमी को देने होंगे अपनी पत्नी को हर महीने इतने लाख रुपए, शमी के खिलाफ कोर्ट ने सुनाया फैसला
मोहम्मद शमी और उनकी खूबसूरत पत्नी हसीन जहां जब शुरुआत में एक दूसरे के साथ नजर आते थे तब हर किसी का यह कहना था कि इन दोनों की जोड़ी सबसे खूबसूरत है। हालांकि पिछले साल की शुरुआत में ही इन दोनों की बातचीत खराब हो गई थी और यह बात कही जाने लगी थी कि इन दोनों के रास्ते हमेशा के लिए एक दूसरे से
अलग हो सकते हैं और आखिरकार बीते दिनों ऐसा ही हुआ। कोर्ट ने हाल ही में मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी को लेकर जो फैसला सुनाया है उसमें यह बात कही जा रही है कि मोहम्मद शमी को हर महीने लाखों रुपए उनकी पत्नी को देने होंगे। आइए आपको बताते हैं मोहम्मद शमी को हर महीने कितने लाख रुपए अपनी पत्नी को अब देने पड़ेंगे।

मोहम्मद शमी को चुकाने पड़ेंगे अपनी पत्नी को इतने लाख रुपए, हर महीने कोर्ट ने दिया यह आदेश

मोहम्मद शमी को देने होंगे अपनी पत्नी को हर महीने इतने लाख रुपए, शमी के खिलाफ कोर्ट ने सुनाया फैसला

मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी के बीच में जो सुनवाई लंबे समय से चल रही थी आखिरकार उसकी समाप्ति बीते दिनों हो गए। आपको बता दें कि मोहम्मद शमी की पत्नी ने उनके ऊपर मारपीट करने का आरोप लगाया था और यह कहा था कि मोहम्मद शमी उनके साथ मारपीट करते हैं। हाल ही में कोर्ट ने मोहम्मद शमी के

खिलाफ में यह फैसला सुनाया है कि मोहम्मद शमी हर महीने अपने पत्नी को तकरीबन ₹130000 देंगे। जिसने भी मोहम्मद शमी के खिलाफ कोर्ट के इस फैसले को सुना है तब सब का यह कहना है कि भारत को भले ही न्याय प्रधान देश कहा जाता है लेकिन यहां पर पुरुषों के साथ बिल्कुल भी न्याय नहीं हुआ है क्योंकि मोहम्मद शमी इस मामले में कहीं से भी दोषी नहीं थे


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