आखिर ऐसा क्या हुआ कि अपना गुल्लक लेकर थाने पहुंचा नन्हा सा मासूम लड़का ?

अक्सर अपने शहर के चौक चौराहों पर हम पुलिस को तैनात देखते हैं. पुलिस का काम होता है लोगों की हिफाजत करना, उनकी समस्याओं और बाधाओं को कम करना और उनके लिए एक सुरक्षित माहौल मुहैया करवाना. अक्सर पुलिस वाले बुरे कामों की वजह से ही चर्चा में रहते हैं.

लेकिन कभी-कभी कुछ पुलिस वालों की मदद और उनके किए गए प्रयास अखबारों की सुर्खियां बन जाती हैं, जो अन्य लोगों के लिए प्रेरणा के स्रोत होते हैं. आज हम आपको एक ऐसे ही पुलिस वाले के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी ड्यूटी, अपने कर्तव्य को सर्वोपरि रखते हुए एक आम नागरिक की मदद की.

दरअसल नागपुर के एक पुलिस वाले ने एक गरीब परिवार की मदद की है. अपने वर्दी के अंदर छुपे ईमान को बाहर लाकर उन्होंने जो किया है, वह वाकई प्रशंसा का पात्र है. इस पुलिस इंस्पेक्टर का नाम है अजय मालवीय. अजय नागपुर के सीताबुल्दी ट्रैफिक जॉन के सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर पद पर कार्यरत हैं. एक दिन जब वह अपनी ड्यूटी कर रहे थे,

तब अचानक एक ऑटो वाले से यातायात नियमों का उल्लंघन हो गया. उस ऑटो ऑटो वाले ने नो-पार्किंग जोन में ऑटो लगा दिया था. इसकी वजह से उस पर जुर्माना लगाया गया था.

बीते 8 अगस्त को अजय मालवीय ने उस ऑटो वाले का चालान काटा था और उसके ऊपर ₹2000 का जुर्माना लगाया गया था. जो कि यातायात नियमों के उल्लंघन के तहत आता है. ऑटो वाला बहुत ही गरीब था और उसके पास उस चालान को जमा करने के लिए पैसे भी नहीं थे. इसके पहले भी उसका कई बार अनपेड चालान कट चुका था,

जिसकी वजह से अब उसके पास वह भी विकल्प बंद हो गया था. इस बार नो पार्किंग जोन में ऑटो लगाने की वजह से पुलिस ने उसका ऑटो जप्त कर लिया.

दिहाड़ी पर एक ऑटो चलाने वाले व्यक्ति से उसका ऑटो छीन लिया जाए तो जाहिर सी बात है उसके खाने-पीने पर संकट की आ जायेगा. ऑटो वाले के साथ भी यही हुआ. अब उसके घर में उसके परिवार को रोटी और भोजन की किल्लत हो गई. ऑटो वाले ने अजय मालवीय से ऑटो लौटाने ही काफी दरख्वास्त की, लेकिन फाइन भरने के लिए जब्त किया गया ऑटो कानून के दायरे में था. वह ऐसे ही नहीं लौटाया जा सकता था.

यह बात जब ऑटो ड्राईवर के परिवार वालों को पता चली तो ऑटो चालक के नन्हे से बेटे ने अपना गुल्लक उठाया और उसमें जमा सारे सिक्के और पैसों को लेकर थाने पहुंच गया.

उस बच्चे ने अपने गुल्लक को अजय मालवीय के सामने रख दिया और पूरी बात बताई. यह देख कर कठोर पुलिसवाले की भूमिका में अब तक खड़े अजय मालवीय का कलेजा पिघल गया. उन्होंने बच्चे के सिर पर हाथ फेरते हुए दरियादिली दिखाई और खुद उस ऑटो ड्राईवर का चालान भर दिया. उन्होंने ड्राईवर को नियम न तोड़ने की बात कह कर उसे ऑटो देकर वापस घर भेज दिया.

इस दरियादिली के बाद और ऑटो वाले के परिवार पर जो मुस्कान थी, वह देखने लायक थी. जो मुड़ मुड़ कर अजय मालवीय को हजारों दुआएं दे रही थी. पुलिस वाले का यह काम आसपास के इलाकों में चर्चा का केंद्र बना हुआ है. अजय मालवीय के मानवीय बर्ताव से लोग गदगद हैं और चाहते हैं कि हर पुलिस वाला अजय की तरह बने, जो लोगों के सुख दुख में उनके साथ खड़ा हो.


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