पिता ने अपनी अभी जन्मी बच्ची की देखभाल के लिए अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी, जानें आगे का प्लान

Kharagpur: कहते हैं एक शिशु की देखभाल के लिए मां का होना जरूरी है, साथ ही मां का फर्ज बनता है कि अपने शिशु की अच्छी तरह देखभाल करे, परंतु एक बच्चे के लिए उसके पिता के भी ढेर सारे फर्ज होते हैं। पिता भी अपने नवजात बच्चे की देखभाल के लिए अपना योगदान देते हैं।

भारत में कहा जाता है कि महिला का काम होता है बच्चे और घर गृहस्ती संभालना और पुरुष का काम होता है। बाहर के काम संभालना और घर की जरूरत पूरी करना, परंतु वर्तमान समय में महिलाएं पुरुष के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आगे बढ़ रही हैं।

उन्हें घर खर्च चलाने में और परिवार संभालने में मदद कर रही। वैसे देखा जाए तो भारत में किसी नौकरीपेशा महिलाओं को मातृत्व अवकाश के नाम पर ढेरों छुट्टियां मिल जाती है परंतु पुरुषों को पितृत्व अवकाश के नाम पर कुछ ही दिनों की छुट्टियां मिल पाती हैं।

ऐसे में एक पिता ने पितृत्व अवकाश ना मिल पाने के कारण अच्छी खासी मल्टीनैशनल कंपनी की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। यह व्यक्ति अपनी नए जन्मे बच्चे के साथ और अपनी पत्नी को मदद करने के लिए यह बड़ा निर्णय लिया।

कुछ समय के बाद पिता की कहानी ह्यूमन ऑफ मुंबई नाम के एक इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सोशल मीडिया पर वायरल हुई लोग इस कहानी पर तरह-तरह के कॉमेंट कर रहे हैं और अपने विचार साझा कर रहे हैं। तो आइए आगे की लेख में जानेंगे इस पूरी कहानी के बारे में।

पत्नी का साथ मिला तो ले लिया फैसला

रिपोर्ट के मुताबिक अंकित जोशी (Ankit Joshi) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान खड़गपुर से स्नातक की नौकरी से इस्तीफा दे दिया। बताया जा रहा है कि अंकित ने कुछ ही वक्त पहले सीनियर वाइस प्रेसिडेंट के पद पर नौकरी प्राप्त की थी।

जब वह नौकरी छोड़ रहे थे, तब उन्होंने काफी सारे लोगों से सलाह मशवरा की परंतु सभी ने उन्हें यही कहा कि यह फैसला काफी मुश्किल है, परंतु उन्हें इस फैसले में उनकी पत्नी आकांक्षा का साथ मिला, जिसके चलते वे यह कदम उठा पाए।

अंकित बताते हैं कि उनकी बेटी का जन्म होने वाला था। उसके कुछ ही समय पहले ही उन्होंने इस जॉब से रिजाइन कर दिया लोगों की माने तो यह उनका काफी वाहियाद फैसला है, परंतु उनके इस फैसले में उनकी पत्नी उनके साथ खड़ी थी, इसलिए उनके लिए यह नौकरी छोड़ना आसान रहा।

हिमाचल प्रदेश की घाटी के नाम पर रखा अंकित ने अपनी बेटी का नाम

अंकित बताते हैं कि वह अपनी पत्नी के साथ हिमाचल प्रदेश की यात्रा पर गए थे। तब उन्होंने हिमाचल की 1 घाटी जिसका नाम स्पीति (Spiti) है, वहां पर एक दूसरे से वादा किया कि उनकी पुत्री संतान को स्पीति नाम देंगे।

उन्होंने अपना वादा निभाते हुए अपनी बेटी का नाम स्पीति रखा जो अभी 1 महीने की हुई है वे कहते हैं कि उनका सपना 1 महीने पहले पूरा हुआ जब उनकी बेटी ने जन्म लिया। हमारा हृदय उस समय भरा हुआ था और ऐसा लग रहा था मानो हमारा जीवन पूर्ण हुआ। आगे वे कहते हैं कि वे भगवान के शुक्रगुजार हैं कि उन्हें भगवान ने एक सुंदर सी बेटी दी।

बेटी के मोह ने पिता के मनपसंद नौकरी छुड़वा दी

अंकित (Ankit) जिस कंपनी में काम करते थे, उस कंपनी से उन्हें मात्र हफ्ते भर की छुट्टी मिल रही थी, परंतु वे इस छुट्टी से संतुष्ट नहीं थे। वे अपनी बेटी के साथ अच्छा समय बिताना चाहते थे, इसीलिए उन्होंने नौकरी को छोड़ना उचित समझा।

आपको बता दें अंकित को यह जॉब बेहद पसंद थी, क्योंकि उनकी जॉब में देश के अन्य शहरों में जाना उनका काम था। इसीलिए वे इस काम से काफी ज्यादा खुश है, परंतु वह अपनी बेटी (Newborn Daughter) के साथ एक लंबा ब्रेक लेना चाहते थे, जो कंपनी की तरफ से मिलना मुश्किल था। यही कारण है कि अंकित अपनी जॉब को छोड़ बैठे।

थका देने वाला समय भी बीत रहा है आनंदमई

अंकित बताते हैं कि वह अपनी बेटी को उसके सोते तक अपनी बाहों में लेकर झूलाते हैं। उसके बाद रात रात जागकर उसे लोरी गाकर सुनाते हैं। वह हर एक छड़ को बहुत ही अच्छी तरह जी रहे हैं और अपनी बेटी के साथ अपना यादगार समय बना रहे हैं।

आगे वह बताते हैं कि कभी-कभी वह बेटी के चेहरे को इतनी ध्यान से देखते हैं कि उनका ह्रदय गर्म हो जाता है। उनके लिए यह समय अधूरी नींद थकान भरा है, फिर भी उन्हें इसमें आनंद आता है। उन्होंने अपनी बेटी के साथ 1 महीने का समय उन्होंने गुजार लिया है। अब वे कुछ समय के बाद नौकरी के लिए दोबारा अप्लाई करेंगे।


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