आठवीं फेल ये छात्र 22 साल की उम्र में बन गया करोड़पति, आज एक इशारे पर चलाता है मल्टीनेशनल कम्पनियाँ !

आपने अक्सर सुना होगा, कि जीवन में पढ़ाई करना कितना जरुरी है, क्यूकि शिक्षा के बिना आप जीवन में सफलता हासिल नहीं कर सकते. मगर इसमें कोई शक नहीं कि शिक्षा के इलावा इंसान के अंदर यदि कुछ करने का हुनर और काबिलियत हो तो वह बिना पढ़े भी बहुत कुछ करके दिखा सकता है.

जी हां आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे है जो बारहवीं तक पढ़े लिखे होने के बावजूद भी एक करोड़पति है. बता दे कि वो शख्स कोई और नहीं बल्कि त्रिशनित अरोड़ा है. जिन्होंने केवल 23 वर्ष की उम्र में करोड़ो का कारोबार संभाल रखा है.

वैसे आपकी जानकारी के लिए बता दे कि त्रिशनित पेशे से एक एथिकल हैकर है. बरहलाल जब भी हम 23 वर्ष के किसी युवा के बारे में सुनते है तो हमारे दिमाग में यही ख्याल आता है, कि ये तो अभी कॉलेज में पढ़ रहा होगा और बिज़नेस की कहा अच्छी जानकारी होगी.

मगर त्रिशनित ने इतनी कम उम्र में ही इतना कमा लिया है, जितना एक आम आदमी पूरी जिंदगी में नहीं कमा पाता. बता दे कि जब त्रिशनित आठवीं में फेल हुए थे, तब उनके घरवालों ने उन्हें काफी डांटा था और आस पास के लोगो ने तो उनका खूब मजाक भी उड़ाया था. मगर तब उन लोगो को क्या मालूम था कि जिस पर वो हंस रहे है, उसका कल कुछ और ही कहानी ब्यान करने वाला है.

दरअसल उस दौरान त्रिशनित कंप्यूटर की वजह से फेल हुआ था. जी हां तब त्रिशनित को हैकिंग सीखने की मानो लत सी लग चुकी थी और इसी के चलते उन्होंने आठवीं के दो पेपर नहीं दिए और फेल हो गए. अब जाहिर सी बात है,

कि जब उनका दिमाग हैकिंग में ज्यादा लगता था, तो उन्होंने बाकी की पढ़ाई को नजरअंदाज कर दिया. ऐसे में त्रिशनित ने पढ़ाई छोड़ दी लेकिन आगे चल कर उन्होंने कॉरेस्पोंडेंस से बारहवीं की परीक्षा दी. बस बारहवीं करने का उनका ये फैसला उनके लिए मील का पत्थर साबित हुआ और इसी फैसले की वजह से ही आज वो इस मुकाम पर है.

जी हां दरअसल त्रिशनित ने कंप्यूटर को ही अपना करियर बनाने का फैसला किया और ऐसे में उन्होंने नयी नयी जानकारियां एकत्रित करना शुरू कर दी. हालांकि शुरुआत में सब ने उसका मजाक उड़ाया और उसे कभी सीरियसली नहीं लिया.

मगर समय बीतने के साथ जैसे ही त्रिशनित ने हैकिंग करना सीख लिया, वैसे ही उसने कुछ कंपनियों को बताया कि उनका डाटा कैसे चुराया जा रहा है. बस इसके बाद से ही उनके काम को काफी सराहा गया और उनका बड़ा नाम हो गया. इतना ही नहीं इसके बाद इक्कीस साल की उम्र में पहले उन्होंने साइबर सिक्योरिटी फर्म की आधारशिला रखी.

फिर धीरे धीरे अपनी काबिलियत के दम पर रिलायंस, सीबीआई, पंजाब पुलिस, गुजरात पुलिस, अमूल और एवन साइकिल जैसी कई कम्पनियो को साइबर सिक्योरिटी से जुडी सर्विस देने लगे और आज भी दे रहे है. यहाँ तक कि अपने ज्ञान को दुनिया तक पहुंचाने के लिए त्रिशनित ने तीन चार किताबे जैसे कि “हैकिंग टॉक विद त्रिशनित अरोड़ा,

दी हैकिंग एरा और हैकिंग विद स्मार्ट फ़ोन्स आदि भी लिखी. आपको जान कर हैरानी होगी कि आज त्रिशनित की कंपनी टीएसी दुनिया भर के फार्च्यून और पांच सौ से ज्यादा कंपनियों को अपना क्लाइंट बनाये हुए है और त्रिशनित के ऑफिस भारत में ही नहीं बल्कि दुबई और यूके में भी है. बता दे कि इनकी कंपनी का सलाना टर्न ओवर कई करोड़ो में होता है.

बरहलाल इसमें कोई शक नहीं कि जिस उम्र में लोग पढ़ाई करके नौकरी पाने के सपने देखते है, उसी उम्र में त्रिशनित ने आठवीं फेल होने के बावजूद भी अपनी नाकामी को अपनी हिम्मत बनाया और सबको कामयाब होकर दिखा दिया.


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