भाई होते हुए भी 4 बहनों ने दिया पिता को कंधा वजह कर देगी भावुक

हिन्दू धर्म आज भी दुनिया में सबसे पवित्र धर्म माना जाता है इस हिन्दू धर्म में कई ऐसी परंपरा है जो सदियों से चली आ रही है आज भी कई ऐसे कार्य होते है जो सिर्फ बेटे को ही करने होते हैं, लेकिन जैसी इश्वर की इच्छा परिस्थितियां कुछ इस तरह मोड़ लेती है

की जिनके चलते कई घरों में ऐसी परंपपराएं परिस्थितियों के हिसाब से टूट जाती हैं. ऐसा ही एक मामला जिसमे एक घर में सदियों से चली आ रही परम्परा टूटी नजर आई. ये मामला यूपी के झांसी जिले से सामने आया है, यहाँ मजबूरन 4 लडकियों ने अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया है.

इस मामले के बारे में बताया गया की जिले के नवाबाद थाना क्षेत्र के डडियापुरा गल्ला मंडी रोड निवासी गौरेलाल साहू की बीते शुक्रवार को हार्ट अटैक आने से मृत्यू हो गई थी. तब पिता की मौत की सूचना मिलते ही चारो बेटियां पुत्र का फर्ज निभाने के लिए सीधे पिता के घर दौड़ी चली आई. और नम आंखों से बेटियों ने पिता को अंतिम विदाई दी. उनके शव को कंधा दिया.

इसके बाद बेटियों ने ही पिता की अर्थी को विधि-विधान के साथ मुक्तिधाम तक पहुचने का काम भी किया. और पूरे हिंदू संस्कार के साथ चारो बेटियों ने अंतिम संस्कार किया. लेकिन जब लडकियों ने पिता को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया तो वहां पर आस-पास के लोग काफी हैरान हुए. क्योंकि मृतक का पुत्र होते हुए भी बेटियों ने मुखाग्नि दी.

क्यों देना पड़ा बेटियों को पिता को कन्धा:- जानकारी के लिए जब मृतक की बेटी से पूछा गया की, भाई के होते हुए भी आप लोगों ने पिता की अर्थी को कंधा क्यों दिया? तब उन चार लडकिय ने उसके बारे में विस्तार से बताया और कहा की उनका भाई पिता के साथ लड़ाई करता था और आए दिन उनको बहुत प्रताड़ित भी किया करता था. तो इसलिए ही चारों बहन ही पिता की मिलकर देखभाल करती थीं. और जब पिता का निधन हुआ तो भी सभी बहनों ने तय किया कि भाई को शव को हाथ नहीं लगाने देंगे.


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