एक समय पत्नी की तनख्वाह से चलाना पड़ा था घर आज खुद की मेहनत से हैं 40 करोड़ के मालिक

दोस्तो बॉलीबुड में नाम कमाना और नाम बनाना आसान काम नही हैं। ऐसे कई प्रतिभावान एक्टर हुए हैं जिन्हें बॉलीबुड कभी पहचान नही पाया या यूं कहें कि उनकी पहचान की मुताबिक उन्हें काम नही मिला। फ़िल्म इंडस्ट्री में हमेशा से ही भाई भतीजावाद और परिवारवाद हावी रहा हैं।

जिसके चलते एनएसडी जैसे संस्थाओं से निकलने के बाद भी देश के बेहतरीन ड्रामा और थियेटर आर्टिस्टों को उनकी मुताबिक काम नही मिल पा रहा हैं। लेकिन इन्ही फ़िल्म इंडस्ट्री में कुछ ऐसे भी कलाकार हैं

जिन्हें अपनी कड़ी मेहनत और जुनून की बदौलत इस फ़िल्म इंडस्ट्री में सिर्फ अपना नाम ही नही बनाया बल्कि अपना सिक्का भी चलाया हैं। उन्ही बेहतरीन कलाकारों में से एक हैं मनोज वाजपेयी,पंकज त्रिपाठी जैसे लोग जिनकी कहानी एक छोटे शहर या गांव के लोगो के लिए बेहद प्रेंणादायक हैं।

जहां चाह हैं वहां राह हैं: हेडलाइन की ये पंक्तियां काफी सटीक साबित होती हैं। बिहार के एक जिले गोपालगंज से ताल्लुक रखने वाले पंकज त्रिपाठी ने कभी ये नही सोचा था कि वो सफलता की इस दहलीज तक पहुँच रखेंगे जहाँ लोग उन्हें उनके नाम और काम दोनो से उनकी इज्जत करते मिलेंगे।

पंकज त्रिपाठी का जन्म एक हिन्दू ब्राम्हण परिवार ने हुआ था उनके पिता जी खेती के साथ साथ पंडिताई का कार्य करते थे पंकज त्रिपाठी अपने परिवार में माता पिता की चार संतानो में सबसे छोटे थे। ये खेती बाड़ी में अपने पिता का हाथ भी बटाते थे।

गांव के नाटकों में लड़की का रोल करते थे कालीन भइया:

पंकज त्रिपाठी को शूरी से नाटक का चस्का था वो गांव की नाटक में अक्सर लड़कियों का किरदार निभाते थे जिसमें उन्हें पूरी सराहना मिलती थी। उस जमाने मे बिहार और पूर्वांचल के क्षेत्र में लौंडा नाच की एक प्रथा होती थी जो आजकल विलुप्त हो चली हैं। पंकज त्रिपाठी लौंडा नाच के काफी शौकीन भी रहे हैं।

बिहार का लड़का आज ओटीटी का सुपरस्टार हैं :

पंकज त्रिपाठी ने गैंग्स ऑफ वासेपुर से अपनी पहचान बनाई। इसके बाद उन्हें कई और फिल्में भी मिलने लगी, लेकिन ओटीटी प्लेटफार्म पर पंकज को उनकी प्रतिभा के अनुरूप काम मिला उनकी सफलता में ओटीटी का विशेष योगदान हैं। उनके निभाये गए कालीन भईया, और सेक्रेड गेम्स में गुरु जी का किरदार सब ओटीटी पर ही रिलीज हुई थे। उन्होंने कहा कि ओटीटी ने कलाकरों को उनकी प्रतिभा के अनुरूप काम दिया हैं।

व्हाट्सएप नही यूज करते हैं कालीन भइया:

पंकज त्रिपाठी ने कहा कि वो आज के जमाने मे भी व्हाट्सएप का उपयोग नही करते हैं,कारण पूछने पर उन्होंने बताया कि हर किसी भी ग्रुप में लोग मुझे ऐड कर देते थे और उसमें उट पटांग चीज़े चलती रहती थी।

ऐसे में मैंने व्हाट्सएप का उपयोग करना ही बन्द कर दिया क्योंकि मैं किसी को ब्लॉक या किसी ग्रुप को लेफ्ट नही कर सकता था ये मेरी प्रवित्ति में नही हैं साथ ही उन्होंने बताया कि कालीन भइया वाला रील भी काफी वायरल हो गए जिसका पता मुझे वाद में चला उस रील को उनके सपोर्ट स्टाफ का ही एक लड़का बनाता था। उन्होंने कहा कि रील वगैरा मुझे बनाना नही ऑयर क्योंकि मैं ‘रील वाला नही फील वाला एक्टर हूँ’।


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