अजय देवगन के पिता वीरू देवगन का हीरो बनने का सपना रह गया अधुरा ,तब लिया था प्रण – बेटे को हीरो जरुर बनाऊंगा ,किये थे इतने जतन

बॉलीवुड फिल्म इंडस्ट्री के सिंघम कहे जाने वाले अजय देवगन के पिता  वीरू देवगन 2 साल पहले ही इस दुनिया को अलविदा कह कर जा चुके हैं और आपको बता दें अजय देवगन के पिता वीरू का नाम  फिल्म इंडस्ट्री के टॉप स्टंट मास्टर्स में शामिल था

और  वीरू देवगन हीरो बनने का सपना लेकर मुंबई आए थे लेकिन उनका यह सपना साकार नहीं हो पाया और इस वजह से वीरू देवगन ने खुद से यह वादा किया था वह अपने बेटे को हीरो जरूर बनाएंगे और आज हम आपको वीरू देवगन के इसी किस्से  के बारे में विस्तार से बताने जा रहे हैं तो आइए जानते हैं

आपको बता दें साल 1957 में वीरू देवगन अपने कुछ साथियों के साथ  फिल्म इंडस्ट्री में हीरो बनने ख्वाब  अपनी आंखों में भर कर अमृतसर से मुंबई आए थे और उस वक्त वीरू देवगन की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी और पैसों की तंगी की वजह से  उन्होंने ट्रेन की टिकट तक नहीं खरीदी जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था

और जेल जाने के बाद वीरू देवगन के कुछ दोस्त काफी ज्यादा डर गए थे और वो वापस अमृतसर चले गए लेकिन  वीरू देवगन जो सपना देखे थे  उसे पूरा करने के लिए मुंबई में ही रह गये  और छोटे-मोटे काम करके  वो  अपना गुजर-बसर करने लगे|

वहीं मुंबई में रहने के दौरान वीरू देवगन बॉलीवुड के कई  फिल्म  निर्माताओं निर्देशकों से मिले और उनसे बात की लेकिन उन्हें हर बार रिजेक्शन का सामना करना पड़ा और फिर कुछ समय के बाद वीरू देवगन को यह एहसास हो गया फिल्म  इंडस्ट्री में बतौर

अभिनेता करियर बनाने के लिए एक रिच स्किन टोन होना  सबसे जरूरी है जो कि उनके पास नहीं था और इस वजह से  वीरू  देवगन का हीरो बनने का सपना  अधूरा रह गया लेकिन तब उन्होंने खुद से एक वादा किया था कि भले ही खुद वो हीरो नहीं  बन पाए लेकिन अपने बेटे को फिल्म इंडस्ट्री में हीरो  जरूर बनाएंगे|

खुद से किए गए  वादा को पूरा करने के लिए  वीरू देवगन अपने बेटे अजय देवगन को हीरो बनाने के लिए हर वो काम किया  जिसकी जरूरत अभिनेता बनने के लिए होती है और बेहद कम उम्र से ही मेरी देवगन ने अपने बेटे अजय देवगन को एक्टिंग की ट्रेनिंग देनी भी शुरू कर दी थी

और उन्हें कॉलेज की दोनों में ही डांस क्लासेज भी ज्वाइन करवा दी थी|वही अजय देवगन को फिट रखने के लिए वीरू देवगन ने घर में ही जिम की सुविधा उपलब्ध करवाई थी और वो अजय देवगन को घुड़सवारी की भी ट्रेनिंग दीया करते थे इसके साथ ही  वीरू देवगन अजय देवगन को  अपनी फिल्मों के एक्शन टीम के साथ  रखते थे ताकि वो हर सीन को   बखूबी समझ सके और एक  टैलेंटेड अभिनेता बन सके|

वही एक शाम वीरू देवगन के घर फिल्म निर्देशक सन्देश कोहली आये हुए थे और वो वीरू देवगन से बातचीत कर रहे थे और तभी जब अजय देवगन कॉलेज से घर लौटे तब उनकी नजर अजय पर पड़ी और उन्होंने वीरू देवगन से अजय देवगन को अपनी फिल्म फूल और कांटे में बतौर

अभिनेता कास्ट करने की इच्छा  जताई तब   वीरू देवगन ने कहा कि अभी अजय की उम्र महज 18 साल ही है और  वह अभी अपनी लाइफ एंजॉय कर रहे हैं इस वजह से अभी वह फिल्मों में काम नहीं करेंगे लेकिन संदेश कोहली के समझाने पर वीरू देवगन इसके लिए राजी हो गए |

इसके बाद साल 1990 में  संदेश कोहली ने अजय देवगन को लेकर फिल्म की शूटिंग शुरू दी और  शूटिंग के दौरान पिता के द्वारा सिखाए गए सभी स्किल्स और ट्रेनिंग अजय देवगन को बहुत  काम आई  और साल 1991 में अजय देवगन की पहली फिल्म रिलीज हुई और यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई

और इसके बाद अजय देवगन का फिल्मी कैरियर  चल पड़ा और आज अजय देवगन का नाम बॉलीवुड के सबसे सफल और सबसे  लोकप्रिय अभिनेताओं के लिस्ट में शुमार हो चुका है  और इसके साथ ही अजय देवगन के पिता वीरू देवगन का सपना भी साकार हो गया |


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