महाकाल की नगरी उज्जैन में एक पेड़ की जड़ों में से निकला 100 साल पुराना शिव लिंग

हिंदू धर्म में भगवान शिव को सर्वश्रेष्‍ठ माना गया है।तीनों लोक इनके आगे नमन करते हैं। कई बार ऐसी चमत्‍कारिक घटनाएं हुईं हैं जिन पर आम इंसान तो क्‍या वैज्ञानिक भी नमतस्‍तक हो गए हैं। धरती पर ऐसी कई चीज़ें उपस्थित हैं जो ईश्‍वर के चमत्‍कार का प्रमाण हैं। हाल ही में कुछ ऐसी ही घटना हुई जिसे देखकर ईश्‍वर के होने की अनुभूति होती है।आज बहुत सी ऐसी वैज्ञानिक खोजे हो चुकी है जो यह सिद्ध कर चुकी है की भगवान ,

ईश्वर और परमात्मा सच में उपस्थित और उनके कारण ही ये दुनिया चल रही है ऐसे ही हाल ही में एक पेड़ काटने पर उसमे से शिवलिंग निकला यह एक बहुत ही आश्चर्य में डाल देने वाली बात है की आखिर पेड़ के अन्दर शिवलिंग कहा से आया आईये जानते है इसके बारे में

कुछ लोग नहीं करते ईश्वर में यकीन

अगर बात भगवान के अस्तित्व की करें तो कुछ लोग इस पृथ्वी पर ऐसे हैं जो ईश्वर में यकीन नहीं करते हैं। ऐसे लोगों को नास्तिक कहा जाता है। जबकि कुछ लोग ईश्वर में बहुत ज्यादा यकीन करते हैं। जो लोग ईश्वर में यकीन नहीं करते हैं, समय-समय पर ईश्वर उन्हें अपना चमत्कार दिखाते हैं। ऐसा ही एक चमत्कार बाबा महाकाल की नगरी में हुआ है। इस घटना को देखकर सभी लोग अचंभित है।

लोगों ने शुरू कर दी शिवलिंग की पूजा

दरअसल अखण्ड कालोनी में एक 100 साल से भी ज्यादा पुराना इमली का पेड़ था। जिसको काटा गया तो उसकी जड़ों से शिवलिंग निकला। यह देखकर सभी लोग हैरान हो गए हैं। जैसे ही यह खबर शहर के लोगों को पता चली इस जगह पर पूजा पाठ शुरू कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार जयसिंहपूरा के अखंड कालोनी के रहने वाले लक्ष्मी नारायण के प्लाट पर काफी पुराना इमली का एक पेड़ था। पेड़ की जड़ें सूख गयी थीं, इसलिए पेड़ को काटना जरूरी हो गया था।

करवाया जायेगा शिव मंदिर का निर्माण

जब पेड़ को काटा गया तो इसकी जड़ से एक शिवलिंग प्राप्त हुआ। यह देखकर पूरे इलाके के लोग हैरान हैं। शिवलिंग की पूजा के लिए भक्तों की भीड़ लग गयी है। लोगों का कहना है कि अब इस जगह पर शिव मंदिर का निर्माण करवाया जायेगा। पेड़ का निचला हिस्सा काफी चौड़ा था, कटाई के समय वह फट गया और लोगों को एक पत्थर दिखाई दिया। जब ध्यान से देखा गया तो वह कोई आम पत्थर नहीं बल्कि एक शिवलिंग था। शिवलिंग मिलते ही पेड़ को काटने का काम रोक दिया गया।


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